भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का समावेश

उन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति में वेदांत और योग जैसे आध्यात्मिक विषयों को शामिल करने का सुझाव दिया। उनका मानना था कि भारत की शिक्षा पश्चिमी विचारों की नकल नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति पर आधारित होनी चाहिए।